प्रिय दोस्तो...,
एक और पुरानी कहानी लाया हूँ उम्मीद करता हूँ आप सबको पसंद आएगा.................
विक्रम और लक्ष्मण की कहानी
old story in hindi by SAGS Blogs
लेखक - सैग्स ब्लॉग
कहानी शुरू होती है, कुछ सौ साल पहले के ट्रिपुरा के एक छोटे से गाँव में। वहाँ का माहौल शांत और सुखद था, जहाँ लोग एक-दूसरे के साथ एक दिलचस्पी के साथ जीते थे। लेकिन एक दिन आया, जब गाँव के लोगों की धड़कनें ठहर गई। वे सभी एक रहस्यमय परिचर्चा के बीच अटक गए।
गाँव के प्रमुख, रामलाल, ने सभी लोगों को एकत्रित किया और उन्हें बताया कि उनकी प्राचीन मंदिर में चोरी हो गई है। चोरी का कोई पात्र नहीं था, और यह बात सभी को चौंका देने वाली थी।
गाँव के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, और जल्द ही थाने की टीम आई और जाँच शुरू की। पुलिस की टीम ने मंदिर के आसपास के सभी क्षेत्रों की जाँच की, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया।
चोरी का रहस्य गहरा था, और लोग अधिक उत्सुकता से इसका समाधान चाहते थे। इस समय गाँव में एक युवक था, नाम था विक्रम। वह बहुत ही बुद्धिमान और साहसी था। वह चोरी के रहस्य को हल करने का वादा करता है।
विक्रम ने अपने मित्र लक्ष्मण को साथ लिया, और दोनों ने मंदिर की जाँच शुरू की। वे हर कोने को जाँचते गए, लेकिन कोई संकेत नहीं मिला।
एक दिन, विक्रम ने मंदिर के प्राचीन वृक्ष की ओर ध्यान दिया। उसने वहाँ जाकर ज़मीन में कुछ अजीब दिखने वाला महसूस किया। वह और लक्ष्मण ने ध्यानपूर्वक जाँच की, और वाह! वे एक छिपी हुई गुफा का पता लगाते हैं।
विक्रम और लक्ष्मण ने गुफा का अन्दर जाकर जाँच की, और वहाँ उन्हें चोरी की हुई सभी मूर्तियों और अन्य चीज़ें मिलीं। वे खुशी से उत्साहित हुए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने गुफा की जाँच की, और वहाँ से सभी चोरी हुई मूर्तियों को वापस ले लिया। लोगों ने विक्रम और लक्ष्मण को धन्यवाद दिया, और उन्हें गाँव के नायक के रूप में सम्मानित किया।
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि बुद्धिमानी, साहस, और सामाजिक सहयोग से हर मुश्किल का सामना किया जा सकता है। ट्रिपुरा के यह छोटे से गाँव की इस कहानी ने हमें एक बड़ा संदेश दिया कि समाज में एकता और सामूहिक सहयोग की शक्ति सभी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती है।
धन्यवाद !
सैग्स ब्लॉग